Friday, August 7, 2026
No menu items!
Homeटॉप न्यूज़Bhopal Name Change Bhojpal: राजा भूपाल शाह के इतिहास को दबाने की...

Bhopal Name Change Bhojpal: राजा भूपाल शाह के इतिहास को दबाने की साजिश, भोपाल का नाम बदलेगा?

Bhopal Name Change Bhojpal: मध्य प्रदेश की सरकार बहुत जल्द ही बड़ा बदलाव करने की तैयारी में हैं। इसकी भनक अभी किसी को नहीं लगी है। राजधानी भोपाल का नाम अब सरकार बदलने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर भोपाल मित्र परिषद के द्वारा सरकार को राजधानी का नाम भोजपाल करने के लिए मांग की है।
यदि ऐसा होता है तो गोंडवंश के राजा भूपाल शाह सल्लाम के नाम पर रखा गया भोपाल का नाम अब भोजपाल हो सकता है।
यदि ऐसा होता है तो भोपाल के इतिहास के साथ न्याय नहीं होगा। इस साजिश पर रोक लगाने और भोपाल का नाम यथावत रखने की मांग को लेकर आदिवासी समाज के संगठन सक्रिय हो गए हैं।
मप्र की राजधानी का नाम यथावत रखने की मांग को लेकर राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को गोंड समाज महासभा के संगठनों के द्वारा पत्र लिखा गया है। इसी के साथ ही गोंड समाज महासभा युवा प्रकोष्ठ व अन्य संगठनों ने विभिन्न माध्यमों से ज्ञापन प्रेषित किया है।

भोपाल गोंड राजाओं की धरती

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, भोपाल (Bhopal Name Change Bhojpal) का इतिहास आदिवासी गोंड राजाओं की धरती रही है। अब उसका इतिहास बदला जा सकता है, क्योंकि भोपाल मित्र परिषद के द्वारा भोपाल का नाम बदलकर भोजपाल किए जाने की मांग की जा रही है। साथ ही गोंड राजाओं के इतिहास को दबाने की कोशिश की जा रही है।

जिस गोंड रानी, रानी कमलावती के नाम (Bhopal Name Change Bhojpal) से हबीबगंज स्टेशन का नाम रखा गया। इससे पूर्व भूपाल शाह सलाम ने यहाँ 40 से 50 गांव बसाए थे। इंटरनेट पर उपलब्ध लेखों के अनुसार भूपाल शाह का कार्यकाल 669 से 679 ईस्वी तक रहा। उस समय की प्रजा अपने राजा को भगवान के रूप में पूजती थी और मानती थी। इसी के कारण राजधानी की इस धरती का नाम भूपाल रखा गया। बाद में यह धीरे—धीरे भोपाल के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

आदिवासी संगठन ने नाम यथवत रखने की मांग

ज्ञापन के माध्यम से आदिवासी संगठन और गोंड समाज महासभा (Gondwana Mahasabha) के जिला स्तर पर संगठनों ने ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि भोपाल का नाम न बदला (Bhopal Name Change Bhojpal) जाए। भोपाल का नाम गोंड राजा भूपाल शाह के नाम पर रखा गया है।
यह प्रदेश की गोंड जनजाति का इतिहास है, इसे ख़त्म या दबाया नहीं जा सकता। यदि ऐसा होता है तो आदिवासी समाज आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

उमरेठ में सौंपा ज्ञापन

मप्र की तहसील उमरेठ जिला छिंदवाड़ा में गोंड समाज महासभा ब्लॉक कमेटी परासिया अध्यक्ष वीर प्रसाद परतेती व युवा प्रकोष्ठ ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद उइके, आर्थिक शैक्षणिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष राम प्रसाद कुमरे के नेतृत्व में भोपाल का नाम भोजपाल (Bhopal Name Change Bhojpal) ना किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम थाना प्रभारी, तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ज्ञापन सौंपा है।

इन शहरों में भी दिया महासभा ने ज्ञापन

गोंड समाज महासभा जिला शहडोल के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह उइके के नेतृत्व में भोपाल का नाम यथावत रखने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इसी तरह गोंड समाज महासभा जिला सिवनी के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। जिला नर्मदापुरम, नरसिंहपुर इकाई के द्वारा भी ज्ञापन सौंपा गया।

Sanjeet Dhurwey
Sanjeet Dhurwey
संजीत कुमार धुर्वे एक वरिष्ठ पत्रकार और इक्षित वचन ग्रुप के एडिटर हैं। पत्रकारिता जगत में पिछले 14 साल से सक्रिय। वर्ष 2011 से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की और यह क्रम लगातार जारी है। 2011 से 2024 तक के इस पूरे सफर में एबीपी न्‍यूज, सामुदायिक रेडियो, दैनिक भास्कर, हरभिूमि, बंसल न्‍यूज चैनल व समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर बखूबी जिम्मेदारी निभाई है। मौसम, खेल, राजनीतिक और अपराध रिपोर्टिंग, इन विषयों पर इनकी रुच‍ि है। हालांकि इनकी पकड़ प्रशासनिक, हेल्‍थ, लाइफ स्‍टाइल की खबरों पर भी पकड़ मजबूत हैं। खबर को बेहतर से बेहतर तरीके से पाठकों तक पहुंचाने की इनकी कोशिश रहती है। जो सीखा है उसे निखारना और कुछ नया सीखने का क्रम जारी है।
सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट

Web Story