Friday, August 7, 2026
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Wheat Variety: श्रीराम सुपर 272 गेहूं की किस्म, जिसे लगाकर किसान हो जाएंगे मालामाल, ये है विशेषताएं

Wheat Variety: श्री राम सुपर 272 (Shri Ram Super 272) गेहूं की एक उन्नत, उच्च उत्पादकता वाली कम ऊंचाई (low-height) किस्म है, जिसे भारतीय किसानों (Wheat Variety) की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
यह किस्म तेज हवाओं, बारिश और रोगों के प्रति सहनशीलता (resistance to strong winds, rain, and diseases) के कारण किसानों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसकी खासियत सिर्फ इसकी उपज नहीं, बल्कि इसके कटाई में आसानी (easy harvesting) और बेहतर गुणवत्ता वाले दाने (high-quality grains) हैं।

🌿 पौधे की बनावट और संरचना (Plant Structure and Morphology)

श्री राम सुपर 272 का पौधा कम ऊंचाई वाला (short height) होता है, जो इसे तेज हवाओं और भारी बारिश (strong winds and heavy rain) के बावजूद गिरने से बचाता है।
इस किस्म का तना मजबूत (strong stem) होता है, जो विषम (Wheat Variety) परिस्थितियों में भी सीधे खड़ा रहता है।
👉 कम ऊंचाई के कारण फसल गिरने (lodging) का खतरा बहुत कम हो जाता है, जिससे कटाई में समय और श्रम दोनों की बचत होती है।

🌾 लंबी और घनी बाली (Long and Dense Ear Heads)

श्री राम सुपर 272 की सबसे खास विशेषता है इसकी लंबी और घनी बाली (long and dense ear heads)

  • बाली में मौजूद दाने सुनहरे, कठोर और चमकदार (golden, hard, and shiny) होते हैं।
  • ये दाने न केवल उत्तम गुणवत्ता (premium quality) के होते हैं, बल्कि लंबे समय तक भंडारण (long shelf life) के लिए भी उपयुक्त हैं।
  • बाजार में इन दानों को अच्छा दाम (high market price) मिलता है, जिससे किसानों को अधिक मुनाफा होता है।

🟩 इस गेहूं की क्या है विशेषता है?

💡 कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, श्री राम सुपर 272 की दाने की कठोरता (grain hardness) इसे भंडारण के लिए सर्वोत्तम बनाती है। इससे नमी और कीटों का असर बहुत कम होता है।

🌾 रोग प्रतिरोधक क्षमता (Disease Resistance)

पीला रतुआ (Yellow Rust) गेहूं की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है, जो फसल की उपज को भारी नुकसान पहुंचाती है।
लेकिन श्री राम सुपर 272 इस रोग के प्रति सहनशील (resistant) है।
इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसानों को महंगे फफूंदनाशकों (fungicides) के उपयोग से बचाती है, जिससे उत्पादन लागत (production cost) कम होती है।

👉 इसके साथ ही, इस किस्म में लीफ ब्लाइट (leaf blight) और पाउडरी मिल्ड्यू (powdery mildew) जैसे रोगों के प्रति भी सहनशीलता देखी गई है।

⏱️ जल्दी बाली देने वाली किस्म (Early Maturing Variety)

श्री राम सुपर 272 की एक और खासियत है कि यह जल्दी बाली निकालती है (ear emergence)

  • बुवाई के 100–105 दिनों (100–105 days) के भीतर बाली निकल आती है।
  • इससे किसानों को रबी (Wheat Variety) और खरीफ फसल (Rabi and Kharif crops) के बीच समय प्रबंधन में मदद मिलती है।
  • यह किस्म उन क्षेत्रों के लिए भी उपयुक्त है जहां गर्मी जल्दी शुरू (early heat conditions) हो जाती है।

🌱 बीज की मात्रा और बुवाई का समय (Seed Rate and Sowing Time)

सामान्य बुवाई के लिए किसान प्रति एकड़ 40 किलोग्राम बीज (40 kg seeds per acre) का उपयोग करें।
यह मात्रा खेत में पौधों की पर्याप्त संख्या बनाए रखती है जिससे हर पौधे को पर्याप्त पोषण (nutrients) और सूर्य प्रकाश (sunlight) मिलता है।

यदि बुवाई में देरी (late sowing) हो जाती है, तो बीज की मात्रा में 20% तक वृद्धि (increase by 20%) करनी चाहिए ताकि पर्याप्त संख्या में कल्ले और बालियां निकल सकें।

🟩 जानें प्रमुख आंकड़े

📊 सामान्य बुवाई: 40 किग्रा/एकड़
देरी से बुवाई: 48 किग्रा/एकड़ (20% वृद्धि)
बाली निकलने का समय: 100–105 दिन
फसल अवधि: लगभग 125–130 दिन

🌤️ जलवायु और मिट्टी की अनुकूलता (Climate and Soil Suitability)

श्री राम सुपर 272 किस्म मध्यम से हल्की दोमट मिट्टी (medium to light loamy soil) में सर्वोत्तम प्रदर्शन करती है।
यह उत्तर भारत (North India) के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए उपयुक्त है।

👉 यह किस्म सिंचित क्षेत्रों (irrigated regions) में अधिकतम पैदावार देती है, लेकिन अल्प वर्षा वाले इलाकों (semi-arid zones) में भी अच्छा प्रदर्शन करती है।

🚜 फसल प्रबंधन (Crop Management)

  1. सिंचाई (Irrigation):
  • पहली सिंचाई बुवाई के 20–25 दिन बाद करें।
  • दूसरी सिंचाई बाली निकलने के समय आवश्यक है।
  • कुल 4–5 सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं।
  1. खाद प्रबंधन (Fertilizer Management):
  • प्रति एकड़ 100 किग्रा यूरिया, 50 किग्रा डीएपी, और 25 किग्रा पोटाश का प्रयोग करें।
  • बाली निकलने के बाद 25 किग्रा अतिरिक्त यूरिया देना उपयुक्त रहेगा।
  1. निराई-गुड़ाई (Weeding):
  • पहली निराई बुवाई के 20–25 दिन बाद करें।
  • जरूरत पड़ने पर दूसरी निराई 40 दिन के भीतर करें।

📈 उपज और आर्थिक लाभ (Yield and Economic Benefits)

श्री राम सुपर 272 की औसत उपज 22–25 क्विंटल प्रति एकड़ (22–25 quintals per acre) तक देखी गई है।
यदि किसान उचित प्रबंधन (proper crop management) करें तो यह उपज 28–30 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंच सकती है।

  • दानों की गुणवत्ता के कारण बाजार में ₹2300–₹2500 प्रति क्विंटल (₹2300–₹2500 per quintal) तक का भाव मिलता है।
  • यानी किसान एक एकड़ में ₹55,000–₹75,000 तक की आय प्राप्त कर सकते हैं।

🟩 कितना मिलेगा बाजार मूल्य

💰 औसत उपज: 25 क्विंटल/एकड़
बाजार मूल्य: ₹2400/क्विंटल
संभावित आय: ₹60,000+/एकड़

🌾 किसानों के अनुभव (Farmers’ Feedback)

कई किसानों का कहना है कि श्री राम सुपर 272 की वजह से उन्हें

  • कटाई में आसानी,
  • रोगों से कम नुकसान,
  • और तेजी से परिपक्व फसल मिलने का फायदा हुआ है।

हरियाणा के किसान मनोज चौधरी बताते हैं —

“पिछले साल मैंने श्री राम सुपर 272 बोई थी। यह फसल जल्दी तैयार हुई और बाली में दाने बहुत घने थे। पिछले साल की तुलना में 20% ज़्यादा उत्पादन मिला।”

🔍 श्री राम सुपर 272 क्यों चुनें? (Why Choose Shri Ram Super 272 Wheat Variety?)

✅ कम ऊंचाई और मजबूत तना — गिरने का खतरा कम
✅ लंबी और घनी बाली — अधिक दाने और उपज
✅ पीला रतुआ रोग प्रतिरोधक — कम दवा खर्च
✅ जल्दी तैयार — समय और श्रम की बचत
✅ बाजार में अच्छा दाम — अधिक मुनाफा


❓ (FAQs)

1️⃣ श्री राम सुपर 272 गेहूं की किस्म कब बोनी चाहिए?

उत्तर: इस किस्म की बुवाई का सबसे उचित समय नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में होता है। इससे पौधों को पर्याप्त तापमान और नमी मिलती है, जिससे उपज अधिक होती है।


2️⃣ क्या श्री राम सुपर 272 किस्म पीला रतुआ (Yellow Rust) रोग से सुरक्षित है?

उत्तर: हां, यह किस्म पीला रतुआ (Yellow Rust) रोग के प्रति सहनशील है। इस कारण किसानों को फफूंदनाशक दवाओं पर खर्च कम (low fungicide cost) करना पड़ता है, जिससे उत्पादन लागत घटती है।


3️⃣ श्री राम सुपर 272 की औसत पैदावार कितनी होती है?

उत्तर: सामान्य परिस्थितियों में इस किस्म की औसत उपज 22–25 क्विंटल प्रति एकड़ (22–25 quintals per acre) होती है, और उचित प्रबंधन के साथ यह 30 क्विंटल प्रति एकड़ (30 quintals per acre) तक जा सकती है।

Sanjeet Dhurwey
Sanjeet Dhurwey
संजीत कुमार धुर्वे एक वरिष्ठ पत्रकार और इक्षित वचन ग्रुप के एडिटर हैं। पत्रकारिता जगत में पिछले 14 साल से सक्रिय। वर्ष 2011 से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की और यह क्रम लगातार जारी है। 2011 से 2024 तक के इस पूरे सफर में एबीपी न्‍यूज, सामुदायिक रेडियो, दैनिक भास्कर, हरभिूमि, बंसल न्‍यूज चैनल व समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर बखूबी जिम्मेदारी निभाई है। मौसम, खेल, राजनीतिक और अपराध रिपोर्टिंग, इन विषयों पर इनकी रुच‍ि है। हालांकि इनकी पकड़ प्रशासनिक, हेल्‍थ, लाइफ स्‍टाइल की खबरों पर भी पकड़ मजबूत हैं। खबर को बेहतर से बेहतर तरीके से पाठकों तक पहुंचाने की इनकी कोशिश रहती है। जो सीखा है उसे निखारना और कुछ नया सीखने का क्रम जारी है।
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