Tribal Land Illegal Encroachment: कांग्रेस नेता कुंवर सुमित नर्रे ने अपना बयान जारी किया है कि आदिवासियों की मदद के नाम पर हरदा के टिमरनी में 8000 एकड़ सरकारी जंगल पर अवैध कब्जा और 10 हजार आदिवासियों को उनकी ही जमीन पर मजदूर बना दिया गया। यह संरक्षण नहीं, संगठित लूट है।
“आदिवासियों की जमीन, माफिया की जेब! सरकार की नाक के नीचे 8000 एकड़ जंगल पर कब्जा, 10 हजार आदिवासी खुद की जमीन पर मजदूर! सुप्रीम कोर्ट का आदेश धूल में, सरकार की माफिया से मिलीभगत!
अब टालमटोल नहीं—सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का तत्काल पालन करे, अवैध कब्ज़े हटाए, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई हो और आदिवासियों को उनका हक़, ज़मीन और सम्मान लौटाया जाए। यह रिपोर्ट सरकार के आदिवासी हितैषी दावों की परतें खोल देती है।
आदिवासियों की मदद के नाम पर हरदा के टिमरनी में 8000 एकड़ सरकारी जंगल पर अवैध कब्ज़ा—और 10 हज़ार आदिवासियों को उनकी ही ज़मीन पर मज़दूर बना दिया गया। यह संरक्षण नहीं, संगठित लूट है।
सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कब्ज़े जारी रहना बताता है कि कानून किसके लिए है और किसके लिए नहीं। जब अदालत कह चुकी है कि ऐसी ज़मीनों से कब्ज़ा हटे, तब भी कार्रवाई न होना सरकारी मिलीभगत का सबूत है।
अब टालमटोल नहीं—सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का तत्काल पालन करे, अवैध कब्ज़े हटाए, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई हो
