Koya Punem Gatha Gondi Dharma: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के थाना व तहसील बनखेड़ी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत टाटरा मलकजरा में कोया पूनेम गाथा गोंडी धर्म दर्शन (Koya Punem Gatha – Gondi Religion) का सात दिवसीय भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन कोया पूनेम टाटरा मलकजरा समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन, धर्माचार्य, युवा, महिलाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
प्रकृति आराधना और गोंडी परंपरा का संगम (Gondi Culture & Tradition)
कार्यक्रम का आयोजन प्रकृति शक्ति फडापेन, खेरोदाई नर्मदा दाई और भीमलपेन की असीम कृपा से किया गया। गोंडी धर्म दर्शन में प्रकृति, जल, वन और जीवों को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। इसी परंपरा को जीवंत रखने के उद्देश्य से ग्राम टाटरा में यह आयोजन रखा गया, जिसमें गोंडी गाथाओं के माध्यम से समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

कलश यात्रा और गोंडी गाथा का शुभारंभ (Kalash Yatra & Gondi Gatha)
दिनांक 06 जनवरी 2026 (मंगलवार) को भव्य कलश यात्रा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उसी दिन गोंडी गाथा का विधिवत प्रारंभ किया गया।
- पेन सुमिरनि: सुबह 09 बजे से 10 बजे तक
- गोंडी गाथा वाचन: दोपहर 01 बजे से शाम 05 बजे तक
धर्माचार्य और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति (Religious Leaders & Guests)
इस आयोजन में ग्राम जायखेड़ा से पूनेम आचार्य तिरु राजेंद्र मस्कोले जी तथा ग्राम बरखेड़ी से सहयोगी धर्माचार्य तिरु पदम सिंह मरकाम जी ने धार्मिक विधियों का संचालन किया।
मुख्य अतिथि के रूप में तिरु महेंद्रप्रताब सिंह जी जूदेव और तिरुमाय योजनगंधा रानी साहब उमरधा उपस्थित रहीं। समाजसेवक तिरु कैलाश परते, तिरु जमना प्रसाद धुर्वे, तिरुमाय दुर्गेश्वरी नंदनी, रेखा जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

समाजिक एकता का संदेश (Community Unity Message)
इस सात दिवसीय कोया पूनेम आयोजन ने सगा समाज को एकता, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। आयोजन में राजेश उइके, भगवान सिंह उइके, जितेंद्र उइके, दिलीप सिंह उइके, अभिषेक उइके, मालिक सिंह धुर्वे सहित सभी सहयोगियों के योगदान से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
FAQs
Q1: कोया पूनेम गाथा गोंडी धर्म दर्शन क्या है?
उत्तर: कोया पूनेम गाथा गोंडी समाज की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा है, जिसमें प्रकृति, पेन देवताओं और पूर्वजों की कथाओं का वर्णन किया जाता है।
Q2: नर्मदापुरम में कोया पूनेम का आयोजन क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: नर्मदापुरम क्षेत्र में यह आयोजन गोंडी संस्कृति संरक्षण, समाजिक एकता और युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q3: कोया पूनेम आयोजन में कौन-कौन शामिल हो सकता है?
उत्तर: कोया पूनेम आयोजन में सगा समाज, क्षेत्रवासी, छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं, जनप्रतिनिधि और धर्माचार्य सभी शामिल हो सकते हैं।
