GwaliorNews: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों से कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, विज्ञान और नवाचार को अपनाकर देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में जो ज्ञान हासिल किया है, वह केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि देश के विकास की अमूल्य निधि है। कृषि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य किसानों की खुशहाली, पर्यावरण संरक्षण और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए।
राज्यपाल गुरुवार को ग्वालियर GwaliorNews स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित इस समारोह में कुल 666 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के विद्यार्थी शामिल हैं।
कृषि में ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर जोर
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। जलवायु परिवर्तन, घटती कृषि जोत, मिट्टी की खराब होती सेहत और जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और नए विचारों को अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी प्रतिभा की असली परीक्षा केवल प्रयोगशालाओं में शोधपत्र तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध और तकनीक को खेतों तक पहुंचाने में है। ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और जैव प्रौद्योगिकी जैसी आधुनिक विधियों का उपयोग करके खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि कृषि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का उपयोग ऐसी कृषि व्यवस्था विकसित करने में करना चाहिए, जो पर्यावरण के अनुकूल हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करे।
किसानों की खुशहाली से साकार होगा विकसित भारत का सपना
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना चाहिए, ताकि किसानों के लिए नए अवसर पैदा हो सकें।
उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा की सार्थकता देश की मिट्टी, जल और पर्यावरण के संरक्षण के साथ करोड़ों किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने में है। कृषि क्षेत्र में उत्पादन की अस्थिरता को दूर करने और खेती को टिकाऊ बनाने के लिए नए समाधान खोजने की जरूरत है।
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि वे अपनी शिक्षा, प्रतिभा और समर्पण के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे और विकसित भारत के संकल्प को गति देंगे।
666 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 के बीच अपनी उपाधि पूरी करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का विवरण इस प्रकार है:
स्नातक: 345 विद्यार्थी
स्नातकोत्तर: 294 विद्यार्थी
पीएचडी: 27 विद्यार्थी
कुल: 666 विद्यार्थी
समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
विद्यार्थियों को मिलेट्स और स्वस्थ खानपान अपनाने की सलाह
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने फास्ट फूड से बचने और अपने भोजन में मिलेट्स यानी मोटे अनाज को प्रमुख स्थान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहकर ही व्यक्ति सफल जीवन जीने के साथ-साथ समाज और देश के निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकता है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि श्री दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि खेती केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवन पद्धति है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति में समाहित पंच महाभूतों के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए किसानों को टिकाऊ खेती के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला ने दीक्षोपदेश दिया और विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में किए जा रहे उन्नत कृषि संबंधी नवाचारों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, विभागाध्यक्ष, कुलसचिव अजय कौशल, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे और जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कृषि महाविद्यालय में नई सेंट्रल प्रोसेसिंग लाइन का उद्घाटन
दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कृषि महाविद्यालय परिसर स्थित सीएआईई (कृषि इंक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप) में स्थापित नवीन सेंट्रल प्रोसेसिंग लाइन का उद्घाटन भी किया। उन्होंने जैविक उत्पादों और खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
राज्यपाल को बताया गया कि इस यूनिट के माध्यम से स्थानीय किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और कृषि विद्यार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण तथा जैविक उत्पादों के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस यूनिट की स्थापना राज्य शासन, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय और नाबार्ड के सहयोग से की गई है। इस अवसर पर नाबार्ड की चीफ जनरल मैनेजर श्रीमती एस. सरस्वती भी मौजूद रहीं।
