Gond Samaj Mahasabha: मध्यप्रदेश में गोंड समाज महासभा (Gond Samaj Mahasabha) ने वर्ष 2025 के लिए अपनी वार्षिक कार्ययोजना जारी की है। इस योजना में समाजिक विकास, अनुशासन, पारदर्शिता और युवाओं (Gond Samaj Mahasabha) की शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष बी. एस. परतेती ने स्पष्ट कहा कि “समाज सेवा राजनीति नहीं, बल्कि सेवा और त्याग का माध्यम है।”
🔹 वार्षिक कार्ययोजना के प्रमुख बिंदु (Key Points of Annual Action Plan)
1️⃣ वार्षिक कार्यक्रमों की सुस्पष्ट रूपरेखा
महासभा ने जिले भर में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों (Gond Samaj Mahasabha) की सालभर की योजना बनाने का निर्देश दिया है, जिससे हर आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
2️⃣ सांस्कृतिक और सामाजिक उद्बोधन
प्रत्येक कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ विषय विशेषज्ञ विद्वानों को आमंत्रित कर सामाजिक जागरूकता पर जोर दिया जाएगा।
3️⃣ ऑडिट समिति का गठन (Audit Committee Formation)
वर्षभर के कार्यक्रमों के वित्तीय पारदर्शिता (Financial Transparency) सुनिश्चित करने के लिए ऑडिट समिति बनाई जाएगी, जो खर्च का परीक्षण करेगी।
4️⃣ सहयोग राशि एक बार ही ली जाएगी (Single Contribution Policy)
समाज सदस्यों से प्राप्त सहयोग राशि वर्ष में सिर्फ एक बार ही ली जाएगी और उसे गोंड समाज महासभा के आधिकारिक खाते में जमा कर व्यय किया जाएगा।
5️⃣ मासिक और त्रैमासिक बैठकें (Regular Meetings)
विकासखंड स्तर पर मासिक और जिला स्तर पर त्रैमासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि संगठनात्मक समन्वय मजबूत हो।
🌱 शिक्षा और युवा सशक्तिकरण (Education and Youth Empowerment)
महासभा ने शिक्षित युवाओं के लिए करियर काउंसलिंग (Career Counseling) सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है।
इसका उद्देश्य समाज के युवाओं को रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यवसायिक शिक्षा में मार्गदर्शन देना है।
🚭 नशा मुक्ति अभियान और अनुशासन (De-addiction and Discipline)
ग्राम स्तर पर नशा मुक्ति अभियान चलाया जाएगा और सभी पदाधिकारियों को अनुशासन (Discipline) का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अनुशासनहीनता करने वाले सदस्यों को पदमुक्त किया जाएगा।
🙏 समाज सेवा का वास्तविक स्वरूप (True Spirit of Social Service)
प्रदेश अध्यक्ष परतेती ने स्पष्ट कहा—
“समाज सेवा राजनीति का मंच नहीं है। इसमें तन, मन और धन से योगदान देना पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि समाज सेवा में लगे व्यक्ति को स्वयं के प्रचार की बजाय समाज के उत्थान को प्राथमिकता देनी चाहिए।
महासभा का आदर्श वाक्य 🌹“जय सेवा” (Jai Seva) है, जो समाज के मूल उद्देश्य को दर्शाता है।
कार्ययोजना के 5 मुख्य लक्ष्य
- सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता
- वित्तीय पारदर्शिता और ऑडिट
- शिक्षित युवाओं का सशक्तिकरण
- ग्राम स्तर तक संगठन विस्तार
- नशा मुक्ति और अनुशासन
