Friday, August 7, 2026
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Natural Farming: महिलाओं ने बदली खेती की तस्वीर, अब खेतों में लहरा रहा सशक्तिकरण

Natural Farming: मध्य प्रदेश के फंदा ब्लॉक (Fanda Block) के 20 ग्रामों की 40 महिला कृषक (Women Farmers) ने यह साबित कर दिया है कि यदि अवसर और प्रशिक्षण मिले, तो महिलाएँ न केवल घर संभाल सकती हैं, बल्कि खेतों को भी नई दिशा दे सकती हैं।
एचडीएफसी बैंक परिवर्तन (HDFC Bank Parivartan) के सहयोग से होलिस्टिक रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम (Holistic Rural Development Program – HRDP) और अर्पण सेवा संस्थान (Arpan Seva Sansthan) के संयुक्त प्रयासों से इन महिलाओं ने खेती के पारंपरिक तौर-तरीकों को बदलकर सशक्तिकरण का नया अध्याय (Empowerment Chapter) लिखा है।

नई तकनीक से बढ़ी पैदावार (Increased Yield through New Techniques)

पहले तुरई (Ridge Gourd), करेला (Bitter Gourd), खीरा (Cucumber) और सेम (Beans) जैसी बेल फसलें ज़मीन पर फैलने से खराब हो जाती थीं। लेकिन अब महिलाओं ने मांडप (Trellis) और बांस-तार जाली (Bamboo-Net Structure) की तकनीक से इन्हें ऊपर चढ़ाकर उगाना शुरू किया है।
इससे फसलों को अधिक हवा, रोशनी और देखभाल (Air, Light & Care) मिल रही है, जिससे उत्पादन में 25–30% तक की वृद्धि देखी गई है।

प्राकृतिक खेती से आई हरियाली (Organic Farming Brings Sustainability)

महिलाओं ने अब रासायनिक खेती (Chemical Farming) को पूरी तरह छोड़ दिया है। उन्होंने प्राकृतिक खेती (Natural Farming) के जरिए मिट्टी और पर्यावरण दोनों को बचाने का बीड़ा उठाया है।
वे अपनी फसलों में जैविक चटनी (Organic Mix), पंचपत्ती काढ़ा (Herbal Decoction), वर्मी वॉश (Vermiwash) और निमास्टर (Neem Extract) जैसे देसी घोलों (Traditional Solutions) का उपयोग कर रही हैं। इससे

  • उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है,
  • लागत घटी है,
  • और मिट्टी की उर्वरता में सुधार हुआ है।

महिलाओं की आय में बढ़ोतरी (Rise in Women’s Income)

आज इन 40 महिला कृषकों ने 10 से 12 बार फसल कटाई (Crop Harvesting) की है।
प्रत्येक महिला को ₹40,000 से ₹42,000 तक की आमदनी (Income) प्राप्त हुई है।
यह पहल अब महिलाओं के नेतृत्व में सुरक्षित खाद्य (Safe Food), टिकाऊ कृषि (Sustainable Agriculture) और ग्रामीण समृद्धि (Rural Prosperity) की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।

📦 सफलता के बीज (Seeds of Success)

  • स्थान: फंदा ब्लॉक, मध्य प्रदेश
  • लाभार्थी: 20 ग्रामों की 40 महिला कृषक
  • सहयोगी संस्थाएँ: HDFC बैंक परिवर्तन, अर्पण सेवा संस्थान
  • मुख्य उपलब्धि: प्राकृतिक खेती से आय में 40% वृद्धि
  • मुख्य नवाचार: मांडप तकनीक और देसी जैविक घोलों का उपयोग
Sanjeet Dhurwey
Sanjeet Dhurwey
संजीत कुमार धुर्वे एक वरिष्ठ पत्रकार और इक्षित वचन ग्रुप के एडिटर हैं। पत्रकारिता जगत में पिछले 14 साल से सक्रिय। वर्ष 2011 से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की और यह क्रम लगातार जारी है। 2011 से 2024 तक के इस पूरे सफर में एबीपी न्‍यूज, सामुदायिक रेडियो, दैनिक भास्कर, हरभिूमि, बंसल न्‍यूज चैनल व समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर बखूबी जिम्मेदारी निभाई है। मौसम, खेल, राजनीतिक और अपराध रिपोर्टिंग, इन विषयों पर इनकी रुच‍ि है। हालांकि इनकी पकड़ प्रशासनिक, हेल्‍थ, लाइफ स्‍टाइल की खबरों पर भी पकड़ मजबूत हैं। खबर को बेहतर से बेहतर तरीके से पाठकों तक पहुंचाने की इनकी कोशिश रहती है। जो सीखा है उसे निखारना और कुछ नया सीखने का क्रम जारी है।
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