PM Janman Yojana: राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंगलवार को राजभवन में पीएम जनमन योजना (PM Janman Yojana) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह योजना भारत के जनजातीय समुदाय (Tribal Community) के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए अभूतपूर्व प्रयास मानी जा रही है। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि समाज के वंचित वर्ग (Underprivileged Section) का समग्र विकास तभी संभव है, जब सरकार और समाज मिलकर सक्रिय सहयोग करें।
पीएम जनमन योजना का उद्देश्य गरीब जनजातीय परिवारों को सशक्त और स्थायी आवास उपलब्ध कराना है, ताकि वे सामाजिक विकास में पूर्ण भागीदार बन सकें।
निर्माण गुणवत्ता और नवाचार पर विशेष ध्यान
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि पीएम जनमन योजना (PM Janman Yojana) के तहत बनाये जा रहे आवासों की गुणवत्ता सर्वोपरि हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया की पारदर्शिता, नवाचार (Innovation), और मैदानी स्तर पर सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
स्व-सहायता समूहों (Self-Help Groups) के माध्यम से ईंट निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
हरित निर्माण सामग्री (Eco-Friendly Materials) का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानीय सामग्री (Local Materials) को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि लागत घटाई जा सके।
समृद्ध वर्ग से सहयोग का आह्वान
राज्यपाल ने समाज के समृद्ध वर्ग (Affluent Section) से आग्रह किया कि वे पीएम जनमन योजना के तहत बने आवासों को और भी बेहतर बनाने के लिए अपना योगदान दें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “Certificate of Deposit” धारकों को ही लाभ प्रदान किया जाएगा, जिससे योजना का पारदर्शिता और उद्देश्य सुनिश्चित हो सके।
योजना का समग्र उद्देश्य
प्रधानमंत्री जनमन योजना (PM Janman Yojana) का लक्ष्य केवल आवास निर्माण नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता (Social Harmony) और वंचित वर्गों का समग्र उत्थान है। हितग्राहियों को यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सबसे गरीब और जरूरतमंद को प्राथमिकता मिले।
महत्वपूर्ण तथ्य
स्थानीय सामग्री पर आधारित निर्माण के प्रयास से लागत में कमी।
पर्यावरण-अनुकूल निर्माण प्रोत्साहित।
जिला स्तर पर मूल्य निर्धारण कार्यवाही।
