Friday, August 7, 2026
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MP Dairy Yojana: मप्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी पहल

MP Dairy Yojana: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दुग्ध उत्पादन को हर संभव तरीके से बढ़ाया जाएगा। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने ‘डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना’ की शुरुआत की है। यह योजना आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम मानी जा रही है।

यह योजना खासतौर पर उन युवाओं, किसानों और पशुपालकों के लिए तैयार की गई है, जो आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित कर अपनी आय का स्थायी साधन विकसित करना चाहते हैं। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

25 दुधारू पशुओं से लेकर 200 पशुओं तक की डेयरी इकाई

डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 25 दुधारू पशुओं की एक इकाई स्थापित करने का अवसर दिया जाता है। इच्छुक और सक्षम हितग्राही अधिकतम 8 इकाइयों, यानी 200 पशुओं तक की डेयरी परियोजना भी स्थापित कर सकते हैं।

योजना को छोटे और मध्यम स्तर के डेयरी उद्यमियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। एक इकाई में एक ही नस्ल के गौ-वंश या भैंसवंशीय पशु रखे जाएंगे, जिससे उत्पादन और प्रबंधन अधिक वैज्ञानिक हो सके।

भूमि और प्रशिक्षण की अनिवार्य शर्त

योजना की एक प्रमुख शर्त यह है कि प्रति इकाई न्यूनतम 3.50 एकड़ कृषि भूमि हितग्राही के पास उपलब्ध होनी चाहिए। यह भूमि पशुओं के आवास, चारे की व्यवस्था और डेयरी संचालन के लिए आवश्यक है। भूमि के लिए परिवार के सामूहिक खाते भी मान्य होंगे, बशर्ते अन्य सदस्यों की सहमति हो।

इसके साथ ही सरकार पशुपालकों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने पर भी जोर दे रही है, ताकि वे वैज्ञानिक और आधुनिक पद्धतियों से डेयरी व्यवसाय चला सकें।

सब्सिडी और बैंक ऋण से आसान निवेश

योजना का सबसे आकर्षक पहलू है आर्थिक सहायता और सब्सिडी

  • अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग को परियोजना लागत का 33% अनुदान
  • अन्य सभी वर्गों को 25% तक अनुदान

शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। ऋण राशि का भुगतान चार चरणों में किया जाएगा, जिससे निवेश का दबाव कम होगा और डेयरी व्यवसाय शुरू करना आसान बनेगा।

आवेदन प्रक्रिया और पारदर्शिता

योजना की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। चयन सामान्यत: पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर किया जा रहा है। साथ ही उन पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पहले से दुग्ध संघों या सहकारी संस्थाओं को नियमित दूध आपूर्ति कर रहे हैं।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज हैं:
आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, भूमि दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र।

FAQs

1. डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस योजना का उद्देश्य मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन करना है।

2. कामधेनु योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?

अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग को 33% और अन्य वर्गों को 25% तक अनुदान दिया जाता है, शेष राशि बैंक ऋण से मिलती है।

3. योजना के लिए न्यूनतम भूमि कितनी जरूरी है?

प्रति इकाई कम से कम 3.50 एकड़ कृषि भूमि अनिवार्य है, ताकि डेयरी संचालन सुचारु रूप से हो सके।

Tags

Dr. Bhimrao Ambedkar Kamdhenu Yojana, MP Dairy Scheme, Milk Production Promotion Scheme, Livestock Subsidy Scheme

Sanjeet Dhurwey
Sanjeet Dhurwey
संजीत कुमार धुर्वे एक वरिष्ठ पत्रकार और इक्षित वचन ग्रुप के एडिटर हैं। पत्रकारिता जगत में पिछले 14 साल से सक्रिय। वर्ष 2011 से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की और यह क्रम लगातार जारी है। 2011 से 2024 तक के इस पूरे सफर में एबीपी न्‍यूज, सामुदायिक रेडियो, दैनिक भास्कर, हरभिूमि, बंसल न्‍यूज चैनल व समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर बखूबी जिम्मेदारी निभाई है। मौसम, खेल, राजनीतिक और अपराध रिपोर्टिंग, इन विषयों पर इनकी रुच‍ि है। हालांकि इनकी पकड़ प्रशासनिक, हेल्‍थ, लाइफ स्‍टाइल की खबरों पर भी पकड़ मजबूत हैं। खबर को बेहतर से बेहतर तरीके से पाठकों तक पहुंचाने की इनकी कोशिश रहती है। जो सीखा है उसे निखारना और कुछ नया सीखने का क्रम जारी है।
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