koya-punem-gond-samaj-sagar Gond Samaj Mahasabha conference
Sagar Koya Punem: मप्र के सागर जिले में 23 सितंबर 2025 को गोंड समाज महासभा जिला सागर (Gond Samaj Mahasabha, District Sagar) के तत्वावधान में बड़ादेव ठाना बड़तूमा मकरोनिया में प्रकृति शक्ति फड़ापेन (Sagar Koya Punem) स्थापना दिवस के अवसर पर 3 दिवसीय संगीतमय कोया पुनेम (Musical Koya Punem) का शुभारंभ हुआ।
पहले दिन पुनेमाचार्य देवदास उइके (रायसेन) एवं अमर सिंह मरकाम (नरसिंहपुर, प्रदेश संगठन मंत्री गोंडी भूमका प्रकोष्ठ, मप्र) ने सरल भाषा और संगीतमय शैली में गोंडी संस्कृति (Gondi Culture) का वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि “जय सेवा” का वास्तविक अर्थ प्रकृति और समाज सेवा से जुड़ा है। प्रवचन में गोंड समाज के जीवन-दर्शन, परंपराओं और प्रकृति-आधारित मान्यताओं पर गहन प्रकाश डाला गया।

दूसरे दिन का कार्यक्रम
द्वितीय दिवस 24 सितंबर को प्रवचन में महत्वपूर्ण सामाजिक (Sagar Koya Punem) और सांस्कृतिक बिंदुओं पर चर्चा की गई। गोंड समाज के लोग इसे सुनकर अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़ने का अवसर प्राप्त करेंगे। आयोजकों ने अपील की है कि अधिक से अधिक लोग इस संगीतमय आयोजन में शामिल हों।

अंतिम दिवस पर गोंड समाज महासभा का प्रांतीय सम्मेलन
अंतिम दिवस 25 सितंबर को प्रदेशभर से गोंड समाज महासभा (Gond Samaj Mahasabha) के पदाधिकारी एकत्रित होंगे। इस दिन कई महत्वपूर्ण गतिविधियां होंगी—
गोंड समाज का सामाजिक दर्शन (Gond Samaj Ka Samajik Darshan) पुस्तक का विमोचन।
- संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा।
- समाज के सर्वांगीण विकास और उत्थान पर चर्चा।
- सामाजिक समस्याओं और उनके समाधान पर विमर्श।
- महत्वपूर्ण सामाजिक प्रस्तावों का पारित होना।
इस अवसर को ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।
FAQs
Q1. संगीतमय कोया पुनेम (Koya Punem) का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य गोंड समाज की परंपराओं, संस्कृति और प्रकृति-आधारित जीवनशैली को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
Q2. गोंड समाज महासभा (Gond Samaj Mahasabha) का सम्मेलन क्यों महत्वपूर्ण है?
यह सम्मेलन समाज की संगठनात्मक मजबूती, विकास योजनाओं की समीक्षा और सामाजिक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित होता है।
Q3. गोंड समाज का सामाजिक दर्शन (Samajik Darshan) पुस्तक का महत्व क्या है?
यह पुस्तक गोंड समाज की जीवन-दृष्टि, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों का दस्तावेज है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी।
