Friday, August 7, 2026
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Sehore Illegal Sand Mining: शिवराज के गढ़ की नर्मदा में चल रही पनडुब्बियां, भविष्य के लिए खतरा

Sehore Illegal Sand Mining: केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र भेरूंदा (Bherunda) के ग्राम छिपानेर (Chipaner) और चोरसाखेड़ी सातदेव (Chorsakhedi Satdev) में इन दिनों रेत माफिया (Sand Mafia) का बोलबाला है। बड़ी-बड़ी नावों और पनडुब्बिया (Sehore Illegal Sand Mining) मोटरों से अवैध रेत खनन (Illegal Sand Mining) हो रहा है, जबकि जिला प्रशासन (District Administration) मुख्य दर्शक बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की रोक के बाद भी खुलेआम बीच नदी से रेत (Sehore Illegal Sand Mining) निकाली जा रही है। बारिश और बाढ़ के बीच, गहरे पानी में दर्जनों नावें चलाकर खतरनाक तरीके से खनन जारी है।

जिला प्रशासन नहीं कर रहा सख्त कार्रवाई

रेत माफियाओं की यह गतिविधि शासन-प्रशासन और खनिज विभाग (Mining Department) को खुली चुनौती है। लेकिन अब तक किसी तरह की सख्त (Sehore Illegal Sand Mining) कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ दिन पहले एक दुर्घटना भी हुई थी, बावजूद इसके प्रशासन ने अपनी आंखें मूंद रखी हैं।

अगर किसी बड़ी घटना में जनहानि होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

पर्यावरण और वन्यजीवों को खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का अवैध खनन (Sehore Illegal Sand Mining) न केवल पर्यावरण (Environment) को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि नदी के जीव-जंतुओं (Aquatic Life) की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह और तल को नुकसान पहुंचने से भविष्य में बाढ़ और भू-क्षरण (Soil Erosion) का खतरा और बढ़ सकता है।

जनता में आक्रोश

नर्मदा (Sehore Illegal Sand Mining) नदी के आसपास के गांव के लोग लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि रेत माफियाओं पर तत्काल रोक लगे और जिम्मेदार अधिकारियों को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है।

रेत माफिया पर कार्रवाई क्यों जरूरी?

NGT के नियमों का उल्लंघन

पर्यावरण और नदी तंत्र को खतरा

जनजीवन और सुरक्षा पर असर

सरकारी राजस्व का नुकसान

कानून-व्यवस्था की चुनौती

FAQs

Q1. रेत माफिया (Sand Mafia) से सबसे ज्यादा नुकसान किसे होता है?

रेत माफिया की गतिविधियों से सबसे ज्यादा नुकसान पर्यावरण, नदी तंत्र और स्थानीय ग्रामीणों को होता है। साथ ही सरकार को भी भारी राजस्व हानि होती है।

Q2. NGT की रोक के बावजूद रेत खनन क्यों जारी है?

अक्सर प्रशासनिक उदासीनता, अधिकारियों की लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण के कारण रेत माफिया खुलेआम खनन करते हैं।

Q3. अवैध रेत खनन (Illegal Sand Mining) रोकने के लिए क्या कदम जरूरी हैं?

कड़ी निगरानी, सख्त कानूनी कार्रवाई, ड्रोन सर्विलांस और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने से इसे रोका जा सकता है।

Sanjeet Dhurwey
Sanjeet Dhurwey
संजीत कुमार धुर्वे एक वरिष्ठ पत्रकार और इक्षित वचन ग्रुप के एडिटर हैं। पत्रकारिता जगत में पिछले 14 साल से सक्रिय। वर्ष 2011 से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की और यह क्रम लगातार जारी है। 2011 से 2024 तक के इस पूरे सफर में एबीपी न्‍यूज, सामुदायिक रेडियो, दैनिक भास्कर, हरभिूमि, बंसल न्‍यूज चैनल व समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर बखूबी जिम्मेदारी निभाई है। मौसम, खेल, राजनीतिक और अपराध रिपोर्टिंग, इन विषयों पर इनकी रुच‍ि है। हालांकि इनकी पकड़ प्रशासनिक, हेल्‍थ, लाइफ स्‍टाइल की खबरों पर भी पकड़ मजबूत हैं। खबर को बेहतर से बेहतर तरीके से पाठकों तक पहुंचाने की इनकी कोशिश रहती है। जो सीखा है उसे निखारना और कुछ नया सीखने का क्रम जारी है।
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