Bhopal Tribal Issue: उमरेड, छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आदिवासी समुदाय के साथ कथित दुर्व्यवहार और ‘जोहार’ शब्द को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में गोंड समाज महासभा ब्लॉक उमरेड ने कड़ी नाराजगी जताई है। इस मामले को लेकर 13 अक्टूबर 2026 को गोंड समाज महासभा के पदाधिकारियों ने तहसील कार्यालय उमरेड, जिला छिंदवाड़ा में ज्ञापन सौंपकर संबंधित पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
गोंड समाज महासभा के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मध्य प्रदेश शासन और प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया। महासभा का कहना है कि आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और ‘जोहार’ जैसे अभिवादन शब्द को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाना निंदनीय है। संगठन ने इस कथित घटना की घोर निंदा करते हुए दोषी पाए जाने वाले पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भोपाल में आदिवासी समुदाय के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला
गोंड समाज महासभा द्वारा दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि भोपाल में पुलिस प्रशासन के कर्मचारियों ने आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया और गाली-गलौज की। साथ ही, ‘जोहार’ शब्द को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
महासभा ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और अभिवादन की पद्धतियों का सम्मान किया जाना चाहिए। ‘जोहार’ आदिवासी समुदाय में अभिवादन और सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रचलित शब्द है। ऐसे शब्द को लेकर कथित रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग किए जाने से समाज में नाराजगी है।
हालांकि, इस मामले में संबंधित पुलिस कर्मचारियों का पक्ष और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
दोषी पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
गोंड समाज महासभा ब्लॉक उमरेड ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
संगठन का कहना है कि किसी भी नागरिक के साथ दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के लोगों की गरिमा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। महासभा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से उचित कदम उठाने की मांग की है।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से गोंड समाज महासभा ने स्पष्ट किया कि यदि शासन और प्रशासन द्वारा इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आने वाले समय में संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकारों और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाता रहेगा। संगठन ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
तहसील कार्यालय उमरेड में ज्ञापन सौंपने के दौरान गोंड समाज महासभा के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें लखन लाल उईके, नगर संरक्षक; पवन मसराम, कार्यवाहक अध्यक्ष; अनिल उईके, कानूनी सलाहकार; सुरेंद्र उईके, प्रवक्ता; अरविंद उईके, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष; मंतोष धुर्वे, नगर अध्यक्ष; प्रकाश वटी, नगर अध्यक्ष; और शिवा बटी, बड़ा देव सेवादार शामिल रहे। संगठन के अन्य पदाधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे।
