MP Drone Policy: भोपाल। मध्यप्रदेश को ड्रोन निर्माण, परीक्षण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) की ओर से आईआईएसईआर भोपाल और ड्रोन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों के साथ उच्चस्तरीय इंडस्ट्री राउंडटेबल का आयोजन किया गया।
बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी MP Drone Policy विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रन ने सहभागिता करते हुए प्रदेश में ड्रोन सेक्टर के विकास, निवेश, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
राउंडटेबल में ड्रोन क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों, स्टार्टअप्स, उद्योग MP Drone Policy संगठनों, अनुसंधान संस्थानों और अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें गरुड़, डीएफआई, आइडियाफोर्ज, एनएफएसयू, प्रखर और आईजेडआई सहित कई प्रमुख कंपनियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
ड्रोन निर्माण के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर
बैठक में मध्यप्रदेश में ड्रोन MP Drone Policy निर्माण और तकनीकी विकास के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने ड्रोन निर्माण, परीक्षण और प्रमाणन के लिए जरूरी अधोसंरचना विकसित करने के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करने और अनुसंधान संस्थानों एवं उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर सुझाव दिए।
इसके अलावा ग्वालियर में प्रस्तावित ड्रोन MP Drone Policy मैन्युफैक्चरिंग एंड टेस्टिंग क्लस्टर के विकास पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस क्लस्टर में ड्रोन निर्माण से लेकर प्रोटोटाइपिंग, कंपोनेंट टेस्टिंग, प्रमाणन और फ्लाइट टेस्टिंग जैसी सुविधाओं को एकीकृत रूप से विकसित करने की योजना है।
आईआईएसईआर भोपाल में बनेगा ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
ड्रोन सेक्टर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आईआईएसईआर भोपाल में ड्रोन MP Drone Policy टेक्नोलॉजी आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। राज्य सरकार के इस निर्णय को इंडस्ट्री राउंडटेबल में भी महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
जुलाई 2026 में मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने करीब 85.51 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत से इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को मंजूरी दी थी।
इस सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोनॉमस सिस्टम्स, ड्रोन सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन्स, यूएवी डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर काम किया जाएगा।
इसके साथ ही यहां प्रोटोटाइप टेस्टिंग, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, तकनीकी सत्यापन और उभरती तकनीकों के व्यावसायीकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ग्वालियर में विकसित होगा ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग एंड टेस्टिंग क्लस्टर
मध्यप्रदेश सरकार ग्वालियर में एकीकृत ड्रोन MP Drone Policy मैन्युफैक्चरिंग एंड टेस्टिंग क्लस्टर विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है। प्रस्तावित क्लस्टर में ड्रोन निर्माण और परीक्षण के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इंडस्ट्री राउंडटेबल MP Drone Policy में प्रतिभागियों ने कॉमन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी, कंपोनेंट टेस्टिंग लैब, फ्लाइट टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग की जरूरतों के अनुसार कौशल विकास की सुविधाएं विकसित करने के सुझाव दिए।
बैठक में शामिल कई कंपनियों MP Drone Policy और संस्थानों ने ड्रोन निर्माण, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, नवाचार, पायलट प्रोजेक्ट्स और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में रुचि भी व्यक्त की।
निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की तैयारी
राज्य सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को ड्रोन MP Drone Policy तकनीक के लिए देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल करना है। इसके लिए प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, कुशल मानव संसाधन, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और नीतिगत ढांचे का लाभ उठाने पर जोर दिया जा रहा है।
ड्रोन सेक्टर के विस्तार से प्रदेश में नई कंपनियों और स्टार्टअप्स को अवसर मिलने के साथ ही उच्च मूल्य वाले रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा कृषि, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, आपदा प्रबंधन, सुशासन और औद्योगिक क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
ड्रोन रोडमैप में शामिल होंगे उद्योग के सुझाव
इंडस्ट्री राउंडटेबल MP Drone Policy में प्राप्त सुझावों को मध्यप्रदेश के ड्रोन इकोसिस्टम के विकास के लिए तैयार किए जा रहे रोडमैप में शामिल किया जाएगा। ये सुझाव ग्वालियर ड्रोन क्लस्टर, आईआईएसईआर भोपाल के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और प्रदेश में ड्रोन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की आगामी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।
बैठक में मध्यप्रदेश ड्रोन MP Drone Policy प्रमोशन एंड यूसेज पॉलिसी-2025 MP Drone Policy के महत्व को भी रेखांकित किया गया। इस नीति का उद्देश्य ड्रोन क्षेत्र में निवेश, नवाचार, कौशल विकास, प्रमाणन सहयोग और विभिन्न सरकारी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देना है।
किन क्षेत्रों में बढ़ेगा ड्रोन का इस्तेमाल?
मध्यप्रदेश में ड्रोन तकनीक का उपयोग मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है:
कृषि और फसल निगरानी
लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी
इंफ्रास्ट्रक्चर निरीक्षण
आपदा प्रबंधन
औद्योगिक उपयोग
सुशासन एवं प्रशासनिक कार्य
अनुसंधान एवं विकास
ड्रोन निर्माण और परीक्षण
स्टार्टअप एवं नवाचार
