Bhaironda Medical Negligence Case: सिंहपुर निवासी एक महिला की ऑपरेशन के दौरान हुई मृत्यु और तत्पश्चात अस्थियों में ‘सर्जिकल कैंची’ मिलने के सनसनीखेज मामले में कांग्रेस नेता कुंवर सुमित नर्रे ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को केवल लापरवाही नहीं, बल्कि ‘जिम्मेदारों द्वारा की गई हत्या’ करार दिया है।
कुंवर सुमित नर्रे ने प्रेस नोट जारी बयान में कहा कि यह सोचकर ही रूह कांप जाती है कि उस माँ ने अंतिम समय में कितनी असहनीय पीड़ा सही होगी। उन्होंने प्रशासन द्वारा दोषी डॉक्टर का केवल ‘तबादला’ किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानांतरण कोई सजा नहीं, बल्कि दोषियों को दिया जा रहा संरक्षण है।

तीन मासूमों के भविष्य पर संकट
नर्रे ने कहा कि इस घोर लापरवाही के कारण तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चे—जिनमें एक 3 साल का, दूसरा 15 माह का और तीसरा नवजात शिशु है, अनाथ हो गए हैं। इन बच्चों के सिर से माँ का साया उठना समाज और शासन के लिए शर्म का विषय है।
हमारी प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेता ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि, दोषी डॉक्टर को तत्काल सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाए और उस पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
लापरवाही करने वाले डॉक्टर का मेडिकल लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जाए।
पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और तीनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार उठाए।

नर्रे ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन मासूम बच्चों को न्याय नहीं मिला और दोषियों को जेल नहीं भेजा गया, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
