Thursday, August 6, 2026
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MP Hailstorm Weather: एमपी में अचानक से बदला मौसम, 19 जिलों में हुई ओलावृष्टि से फसलें तबाह

MP Hailstorm Weather: मप्र में अचानक से मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के 19 जिलों में आंधी बारिश के साथ ही ओले गिरे हैं। इससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल खेतों में आड़ी हो गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में प्रदेश कई जिलों में बारिश के आसार हैं। भोपाल और उज्जैन संभाग के जिलों में भी ओलावृष्टि हुई है। इससे सभी तरह की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। असमय बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आज भी बारिश के आसार हैं। प्रदेश में कहीं—कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानियों के अनुसार प्रदेश के अधिकतर जिलों में अचानक से बदले मौसम और मावठे के बारिश से सुबह के समय तेज कोहरा रहा है। वहीं रात के साथ—साथ दिन के समय में भी ठंडी का असर बढ़ गया है।

सीजन की पहली मावठे की बारिश से फायदा

रबी सीजन में बोवनी के बाद मावठे की बारिश फसलों के लिए काफी लाभकारी होती है। इस सीजन की पहली मावठे की बारिश से फसलों को काफी फायदा हुआ है। इससे गेहूं की फसलों ग्रोथ तो होगी ही, वहीं चना फसलों में भी काफी लाभ होगा।

आंधी और ओलावृष्टि से काफी नुकसान

जिन जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। ​वहां फसलों को काफी नुकसान हुआ है। आंधी के कारण गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। वहीं औषधीय और उद्यानिकी फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई है।

बादल और कोहरे से इल्ली का प्रकोप

प्रदेश में अचानक से मौसम में हुए बदलाव के कारण अब चना और अरहर की फसलों को काफी खतरा बढ़ गया है। बादलों और कोहरे के कारण चना फसल में सबसे ज्यादा इल्लियों का प्रकोप बढ़ता है। बादलों के कारण इल्लियों के प्रकोप की मात्रा बढ़ जाती है।

अगले चार दिनों में और हो सकी है बारिश

प्रदेश में अगले चार दिनों में कहीं भी बारिश हो सकती है। भोपाल संभाग के सीहोर जिले में भी अलग—अलग हिस्सों में बारिश के आसार बने हुए हैं। जहां बारिश की संभावना बनी हुई है।

शीत लहर से फसलों को नुकसान

बारिश के बाद जैसे ही मौसम खुलेगा तो दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा सकती है। शीत लहर से जहां उद्यानिकी फसलों को नुकसान हो सकता है। वहीं गेहूं और चना फसल के साथ—साथ अरहर की फसल भी तुषार जा सकती है। इससे फसल अचानक से पीली पड़ने लगती है और सूख जाती है।

Reena Dhurwey
Reena Dhurwey
रीना धुर्वे एक वरिष्‍ठ पत्रकार और इक्षित वचन ग्रुप में उप संपादक हैं। पत्रकारिता जगत में पिछले चार साल से सक्रिय हैं। वर्ष 2020 से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की और यह क्रम लगातार जारी है। पत्रकारिता की ट्रेनिंग लेने के बाद करियर स्‍थानीय वेबसाइट और समाचार पत्रों में सब एडिटर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। अब इक्षित वचन ग्रुप के साथ जुड़कर काम कर रही हैं। लाइफ स्‍टाइल, खाना खजाना, महिलाओं से जुड़े मुद्दों और खबरों पर इनकी खास रुचि है। हालांकि अन्‍य खबरों पर भी ये खास पकड़ रखती है। खबर को बेहतर से बेहतर तरीके से पाठकों तक पहुंचाने की इनकी कोशिश रहती है। जो सीखा है उसे निखारना और कुछ नया सीखने का क्रम जारी है।
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