UGC Controversy SC/ST ECT: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ उस वक्त आया जब एडवोकेट कुंवर सुमित नर्रे (Kunwar Sumit Narre) ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। रानी दुर्गावती सेना (Rani Durgavati Sena) के संस्थापक और आदिवासी समाज के प्रभावशाली नेता नर्रे ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी को आदिवासी विरोधी करार दिया।
उनका यह कदम केवल व्यक्तिगत असहमति नहीं, बल्कि आदिवासी राजनीति (Tribal Politics) में एक खुली बगावत के रूप में देखा जा रहा है।

NSUI और SC/ST एक्ट विवाद बना इस्तीफे की बड़ी वजह
कुंवर सुमित नर्रे ने अपने इस्तीफे की मुख्य वजह NSUI नेता रौनक खत्री के उस बयान को बताया, जिसमें उन्होंने कथित रूप से SC/ST एक्ट (SC/ST Act – Scheduled Castes and Scheduled Tribes Act) को “धौंस” के रूप में इस्तेमाल करने की बात कही थी।
सुरक्षा का कानून
“SC/ST एक्ट हमारे समाज की सुरक्षा का कानून है, न कि किसी की धमकी का हथियार।” – कुंवर सुमित नर्रे
नर्रे ने कहा कि इस तरह के बयान न केवल कानून का मज़ाक हैं, बल्कि पूरे दलित-आदिवासी समाज की गरिमा को ठेस पहुँचाते हैं।
30 साल में एक भी आदिवासी राज्यसभा नहीं – कांग्रेस पर सवाल
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से एक भी आदिवासी नेता को राज्यसभा (Rajya Sabha Representation) में क्यों नहीं भेजा।
भाजपा बनाम कांग्रेस का आदिवासी प्रतिनिधित्व
नर्रे ने भाजपा का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने
- अनुसुइया उइके
- डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी
- संपतिया उइके
जैसे आदिवासी नेताओं को राज्यसभा भेजकर सम्मान दिया, जबकि कांग्रेस आदिवासियों को केवल वोट बैंक तक सीमित रखती रही।
आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग और ऐतिहासिक अन्याय
कुंवर सुमित नर्रे ने कहा कि आज़ादी के बाद राजा नरेशचंद्र सिंह को केवल 13 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बनाना और फिर हटाना एक ऐतिहासिक षड्यंत्र था। उन्होंने सवाल उठाया कि आज तक कांग्रेस ने किसी आदिवासी को मुख्यमंत्री पद के लिए गंभीर दावेदार क्यों नहीं बनाया।
रानी दुर्गावती सेना और गोंडवाना का संकल्प
इस्तीफे के बाद नर्रे ने साफ कहा:
“अब दिल्ली की गुलामी नहीं होगी, अब गोंडवाना (Gondwana Movement) का राज होगा।”
उन्होंने घोषणा की कि रानी दुर्गावती सेना गोंड राजा बख्त बुलंद शाह की विरासत को आगे बढ़ाते हुए आदिवासियों को सत्ता का वास्तविक हक दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।
कांग्रेस के लिए बड़ा झटका
कुंवर सुमित नर्रे का जाना कांग्रेस के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसका असर न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्यों की आदिवासी राजनीति पर भी पड़ेगा।
FAQs
Q1. कुंवर सुमित नर्रे ने कांग्रेस से इस्तीफा क्यों दिया?
कुंवर सुमित नर्रे ने NSUI नेताओं द्वारा SC/ST एक्ट के मज़ाक, आदिवासी उपेक्षा और राज्यसभा में प्रतिनिधित्व न मिलने के कारण इस्तीफा दिया।
Q2. रानी दुर्गावती सेना का उद्देश्य क्या है?
रानी दुर्गावती सेना (Rani Durgavati Sena) का उद्देश्य आदिवासी समाज को संगठित कर राजनीतिक नेतृत्व और सत्ता में उनका अधिकार सुनिश्चित करना है।
Q3. SC/ST एक्ट विवाद का आदिवासी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
इस विवाद से आदिवासी राजनीति (Tribal Politics) और अधिक मुखर होगी और राजनीतिक दलों पर सामाजिक संवेदनशीलता का दबाव बढ़ेगा।
