Friday, August 7, 2026
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Sehore Farmers Rally: सीहोर में किसानों की ट्रैक्टर रैली, MSP पर सोयाबीन, मक्का खरीदे सरकार

Sehore Farmers Rally: मध्यप्रदेश के सीहोर (Sehore) जिले में किसान संगठनों ने सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने का ऐलान कर दिया है। सोमवार, 6 अक्टूबर को भैरुंदा (नसरुल्लागंज) में किसान स्वराज संगठन (Kisan Swarajya Sangathan – Samyukta Kisan Morcha) के नेतृत्व में हजारों किसान (Sehore Farmers Rally) विशाल ट्रैक्टर रैली (Massive Tractor Rally) निकालेंगे। यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि किसानों के हक और गुस्से की गूंज होगी।

किसानों की प्रमुख मांगें (Farmers’ Main Demands)

1. एमएसपी पर खरीदी की मांग (Demand for MSP Procurement)

किसानों ने साफ कहा है कि सोयाबीन (Soybean) और मक्का (Maize) की खरीदी सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP – Minimum Support Price) पर की जाए।

  • सरकार ने सोयाबीन का एमएसपी ₹5328 प्रति क्विंटल तय किया है।
  • बाजार में अभी सोयाबीन ₹3200 से ₹3500 प्रति क्विंटल बिक रहा है।
  • भावांतर योजना (Bhavantar Yojana) में किसानों को केवल अंतर का भुगतान मिलता है, जिससे उन्हें 500 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है।

किसान सवाल पूछ रहे हैं—“मेहनत हमारी, पसीना हमारा, तो दाम इतना कम क्यों?”

2. बारिश से फसल बर्बादी और मुआवजा (Crop Damage & Compensation)

लगातार भारी बारिश ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है। कई किसानों के खेतों में अब न तो फसल बची है और न ही उन्हें बाजार में उचित दाम मिल रहे हैं।

  • किसान संगठनों ने सरकार से तत्काल सर्वे करने और प्रभावित किसानों को मुआवजा (Compensation)बीमा (Insurance) देने की मांग की है।

3. खाद आपूर्ति की समस्या (Fertilizer Shortage Issue)

रबी सीजन के लिए किसानों ने पर्याप्त डीएपी और यूरिया खाद (DAP & Urea Fertilizers) उपलब्ध कराने की मांग की है।

  • खाद की किल्लत, ब्लैक मार्केटिंग और लंबी कतारें किसानों के लिए हर साल समस्या बन जाती हैं।
  • किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि समय पर खाद उपलब्ध न होने पर आगामी फसल उत्पादन पर संकट और गहरा जाएगा।

4. जमीन अधिग्रहण का मुआवजा (Land Acquisition Compensation)

इंदौर–बुधनी रेल परियोजना (Indore-Budhni Railway Project) के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा भी किसानों की बड़ी मांगों में शामिल है।

  • किसान संगठन चाहते हैं कि उन्हें बाज़ार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाए।

किसानों के नारे (Farmers’ Slogans)

  • “हमारी फसल, तुम्हारे दाम – अब नहीं चलेगा।”
  • “एमएसपी पर खरीदी करो, भावांतर नहीं चाहिए।”
  • “खेती बचाओ, किसान बचाओ।”

FAQs

प्रश्न 1: सीहोर (Sehore) में किसानों की ट्रैक्टर रैली कब और कहां होगी?

उत्तर: यह रैली सोमवार, 6 अक्टूबर को सीहोर जिले के भैरुंदा (नसरुल्लागंज) में किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में आयोजित की जाएगी।

प्रश्न 2: किसानों की मुख्य मांगें क्या हैं?

उत्तर: किसानों की प्रमुख मांगें हैं—सोयाबीन और मक्का की खरीदी एमएसपी पर हो, बारिश से प्रभावित फसलों का मुआवजा दिया जाए, रबी सीजन के लिए खाद-बीज समय पर उपलब्ध कराया जाए और इंदौर-बुधनी रेल परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन का चार गुना मुआवजा मिले।

प्रश्न 3: किसान भावांतर योजना (Bhavantar Yojana) का विरोध क्यों कर रहे हैं?
उत्तर: भावांतर योजना में किसानों को केवल एमएसपी और बाजार भाव का अंतर दिया जाता है। लेकिन जब बाजार भाव ₹3200-₹3500 और एमएसपी ₹5328 है, तो किसानों को प्रति क्विंटल 500-1000 रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है। इसी कारण किसान सीधे एमएसपी पर खरीदी की मांग कर रहे हैं।

Sanjeet Dhurwey
Sanjeet Dhurwey
संजीत कुमार धुर्वे एक वरिष्ठ पत्रकार और इक्षित वचन ग्रुप के एडिटर हैं। पत्रकारिता जगत में पिछले 14 साल से सक्रिय। वर्ष 2011 से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की और यह क्रम लगातार जारी है। 2011 से 2024 तक के इस पूरे सफर में एबीपी न्‍यूज, सामुदायिक रेडियो, दैनिक भास्कर, हरभिूमि, बंसल न्‍यूज चैनल व समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर बखूबी जिम्मेदारी निभाई है। मौसम, खेल, राजनीतिक और अपराध रिपोर्टिंग, इन विषयों पर इनकी रुच‍ि है। हालांकि इनकी पकड़ प्रशासनिक, हेल्‍थ, लाइफ स्‍टाइल की खबरों पर भी पकड़ मजबूत हैं। खबर को बेहतर से बेहतर तरीके से पाठकों तक पहुंचाने की इनकी कोशिश रहती है। जो सीखा है उसे निखारना और कुछ नया सीखने का क्रम जारी है।
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