Monday, April 20, 2026
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Cough Syrup Banned: बच्चों को जानलेवा कफ सिरप दी तो अब खेर नहीं, केंद्र सरकार के निर्देश

Cough Syrup Banned: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara District) में संदिग्ध कफ सिरप (Suspicious Cough Syrup) से हुई 9 बच्चों की मौत (Children Deaths) से प्रदेश ही नहीं पूरे देश में हंगामा हो गया। पूरा देश इस मामले को लेकर स्तब्ध है। छिंदवाड़ा में जिन बच्चों की मौत हुई है, इस केस ने पूरे देश को हिला दिया। इस मामले में केंद्र सरकार (Cough Syrup Banned) ने बच्चों को कफ सिरप देने को लेकर एडवाइजरी जारी की है।
बता दें कि जिन 9 बच्चों की मौत हुई है, उनमें सभी में सामान लक्षण पाए गए थे। जिनमें बीमारी के लक्षण किडनी फेलियर (Kidney Failure) से हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में कहा गया है कि dextromethorphan hydrobromide syrup ip को पांच साल तक के बच्चों को न दें। इस जानलेवा दवाई से दूर रखें।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी

स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने साफ कहा है कि:

  • 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप (Cough Syrup) से दूर रखें।
  • 2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप (Cough Syrup Banned) पूरी तरह प्रतिबंधित (Banned) है।
  • किसी भी दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

छिंदवाड़ा हादसे की पूरी कहानी

जानकारी के अनुसार अगस्त के महीने के आखिरी में छिंदवाड़ा (Cough Syrup Banned) जिले के परासिया इलाके में (Parasia Area) के कई बच्चों को सर्दी-खांसी और बुखार हुआ। स्थानीय डॉक्टरों ने उन्हें सामान्य कफ सिरप दिए। लेकिन कुछ ही दिनों में बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। कफ सिरप लेने के बाद बच्चों में कई तरह के लक्षण दिखने लगे, इन लक्षणों में—

  • लक्षण: किडनी में सूजन, पेशाब बंद होना, उल्टी और शरीर में सूजन।
  • जांच में पाया गया कि यह किडनी फेलियर (Kidney Failure) के कारण है।
  • संदिग्ध कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नामक जहरीला पदार्थ मिला होने की आशंका है।

30 सितंबर को छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने इन सिरपों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बावजूद अब तक 9 बच्चों की जान जा चुकी है।

बच्चों की खांसी-बुखार में सुरक्षित उपाय

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों में घरेलू और प्राकृतिक उपाय बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

  • पर्याप्त आराम और पानी दें।
  • भाप (Steam) लेना फायदेमंद है।
  • 1 साल से ऊपर के बच्चों को शहद दें।
  • तुलसी-अदरक का काढ़ा या अदरक की चाय भी राहत देती है।
    👉 महत्वपूर्ण: किसी भी घरेलू उपाय से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

बच्चों में खांसी-बुखार पर क्या करें और क्या न करें?

✅ करें: आराम, तरल पदार्थ, डॉक्टर की सलाह
❌ न करें: बिना प्रिस्क्रिप्शन कफ सिरप देना

FAQs

Q1: संदिग्ध कफ सिरप (Suspicious Cough Syrup) से बच्चों की मौत क्यों हो रही है?

सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) जैसे जहरीले पदार्थ की मौजूदगी से बच्चों की किडनी फेलियर (Kidney Failure) हो रही है।

Q2: क्या 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देना सुरक्षित है?

नहीं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप से दूर रखने और 2 साल से छोटे बच्चों के लिए इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया है।

Q3: बच्चों की खांसी-बुखार में सुरक्षित विकल्प क्या हैं?

पर्याप्त आराम, भाप लेना, शहद (1 साल से ऊपर), तुलसी-अदरक का काढ़ा जैसे उपाय सुरक्षित हैं। लेकिन डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

Sanjeet Dhurwey
Sanjeet Dhurwey
संजीत कुमार धुर्वे एक वरिष्ठ पत्रकार और इक्षित वचन ग्रुप के एडिटर हैं। पत्रकारिता जगत में पिछले 14 साल से सक्रिय। वर्ष 2011 से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की और यह क्रम लगातार जारी है। 2011 से 2024 तक के इस पूरे सफर में एबीपी न्‍यूज, सामुदायिक रेडियो, दैनिक भास्कर, हरभिूमि, बंसल न्‍यूज चैनल व समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर बखूबी जिम्मेदारी निभाई है। मौसम, खेल, राजनीतिक और अपराध रिपोर्टिंग, इन विषयों पर इनकी रुच‍ि है। हालांकि इनकी पकड़ प्रशासनिक, हेल्‍थ, लाइफ स्‍टाइल की खबरों पर भी पकड़ मजबूत हैं। खबर को बेहतर से बेहतर तरीके से पाठकों तक पहुंचाने की इनकी कोशिश रहती है। जो सीखा है उसे निखारना और कुछ नया सीखने का क्रम जारी है।
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